प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 को संबोधित किया: युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, स्टार्टअप और नवाचार में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण, नवाचार और स्टार्टअप क्रांति में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि युवा शक्ति भारत की प्रगति का सबसे बड़ा स्तंभ है। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री का पद संभाला, उस समय आज के कई युवा नागरिक पैदा नहीं हुए थे। इसके बावजूद, उनका युवा वर्ग में विश्वास अटल और अटूट है। श्री मोदी ने कहा, “आपके हाथ में विकसित भारत के लक्ष्य की बागडोर है। 2047 तक जब भारत स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब आपके योगदान से देश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।”
स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आदर्श युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा और नेतृत्व केवल डिग्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा में योगदान का मार्गदर्शन करती हैं।
युवा शक्ति और स्टार्टअप क्रांति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले दशक में शुरू किए गए सुधारों ने युवा नवप्रवर्तकों को सशक्त किया। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, व्यापार में सुगमता और कर सुधार जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं उपायों ने भारत की स्टार्टअप क्रांति को गति दी है। उदाहरण के रूप में उन्होंने अंतरिक्ष और ड्रोन सेक्टर का हवाला दिया, जिसमें निजी उद्यमों और युवा नवप्रवर्तकों ने उल्लेखनीय योगदान दिया।
With innovative ideas, energy and purpose, Yuva Shakti is at the forefront of nation-building. Addressing the concluding session of Viksit Bharat Young Leaders Dialogue.#YoungLeadersDialogue2026
https://t.co/EqpOuO20Fu— Narendra Modi (@narendramodi) January 12, 2026
ऑरेंज इकोनॉमी और रचनात्मकता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की ऑरेंज इकोनॉमी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृति, कंटेंट और रचनात्मकता पर आधारित इस अर्थव्यवस्था में भारत उल्लेखनीय वृद्धि कर रहा है। मीडिया, फिल्म, गेमिंग, संगीत, डिजिटल कंटेंट और वीआर/एक्सआर जैसे क्षेत्रों में युवा रचनाकारों ने देश को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख केंद्र बना दिया है।
सशक्त युवा नेतृत्व और नीति सुधार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले दशक में प्रक्रियाओं को सरल बनाने, नौकरशाही में सुधार और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने से युवाओं के अनुभव में सुधार हुआ है। उन्होंने उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया और यह बताया कि भारत के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार किया जा रहा है।
आत्मनिर्भरता और मानसिकता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे देश को औपनिवेशिक मानसिकता और हीन भावना से मुक्त करने का संकल्प लें। उन्होंने वैदिक वाक्य “आनो भद्राः कृतवो यन्तु विश्वतः” का उल्लेख किया और कहा कि विश्व के श्रेष्ठ विचारों से सीखते हुए अपनी विरासत और संस्कृति की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री का संदेश
श्री मोदी ने युवा नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे राष्ट्र की प्रगति के लिए ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता का प्रयोग करें। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ रहने, आनंद को अपनाने और अपने विचारों को साहसपूर्वक आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे आप सभी पर, आपकी क्षमताओं और ऊर्जा पर पूरा भरोसा है। राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।”