हरियाणा श्रम विभाग में अनियमितताओं पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सख्त कदम, गठित हुई उच्चस्तरीय जांच समिति
हरियाणा श्रम विभाग में अनियमितताओं पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, उच्चस्तरीय जांच समिति गठित, एक माह में पूरी रिपोर्ट सौंपने का होगा लक्ष्य।
हरियाणा के श्रम विभाग में कार्य पर्चियों के सत्यापन और श्रमिक पंजीकरण से जुड़ी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश पर इस मामले की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपे।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि श्रम मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी थी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय ने कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं होने की पुष्टि की है। हालांकि, विभाग द्वारा प्रस्तुत फाइल में बताया गया कि 13 जिलों की जांच रिपोर्ट तैयार है, जबकि शेष 9 जिलों की रिपोर्ट अभी लंबित है। मुख्यमंत्री ने फाइल तुरंत वापस भेज दी और शेष जिलों की रिपोर्ट समेत पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने को कहा।
यह मामला विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों और उनके लाभों से जुड़ी योजनाओं से संबंधित है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिला है कि कई कार्य पर्चियों में श्रमिकों के विवरण सही ढंग से दर्ज नहीं किए गए हैं, जिससे उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकरण संदिग्ध प्रतीत होता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्री पंकज अग्रवाल, आईएएस की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। समिति के सदस्यों में श्री राजीव रतन, आईएएस और श्री पंकज नैन, आईपीएस शामिल हैं। समिति का काम है विभाग की अनियमितताओं की गहन जांच करना, संबंधित अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाना, और भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करना।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट को समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से तैयार किया जाएगा, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा हो और विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।