मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज सहकारिता विभाग की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गांवों में मिल्क प्रोड्यूसर्स सोसायटियाँ स्थापित की जाएं, और इन सोसायटियों में विधवाओं, स्वयं सहायता समूहों और अंत्योदय परिवारों को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह कदम ग्रामीण परिवारों को स्थायी आय के स्रोत उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत सोसायटियों को शीघ्र प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी कही। साथ ही उन्होंने पशुपालन और डेयरी विभाग को आपसी समन्वय के साथ योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए ताकि पशुपालकों को अधिकतम लाभ मिल सके।
दूध की खपत बढ़ाने के उपाय
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि वीटा बूथों पर दूध आधारित उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के नए विकल्प तलाशे जाएं। उनका मानना था कि इससे न केवल दूध की खपत बढ़ेगी, बल्कि दूध उत्पादक उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्होंने सहकारी चीनी मिलों को लाभकारी बनाने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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सहकारिता विभाग की प्रगति
बैठक में बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में मिल्क कलेक्शन सेंटर के तीन खंडों और दो जिलों में मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, हैफेड द्वारा सरसों तेल मिल और सूरजमुखी तेल मिल की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए कि वे सहकारिता विभाग की अन्य घोषणाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें और इन्हें ज़मीनी स्तर पर लागू करें।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, वित्त विभाग के आयुक्त और सचिव श्री मोहम्मद शाईन, हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक श्री शक्ति सिंह, और हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक श्री रोहित यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।