हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खाद्यान्न खरीद सुधारों पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन, किसानों के लिए नई दिशा
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में श्री रस्तोगी ने कहा कि खाद्यान्न खरीद की प्रक्रिया एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसके लिए निरंतर नवाचार और व्यवस्थित सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने खासतौर पर किसानों के लिए सीधे बैंक भुगतान प्रणाली की प्रशंसा की, जिसे उन्होंने कृषि नीति में एक “परिवर्तनकारी कदम” बताया। इस प्रणाली के माध्यम से हरियाणा में किसान अब अपने उपज के लिए बैंक खातों में सीधे भुगतान प्राप्त कर सकते हैं, जिससे पारंपरिक बाधाएं समाप्त हो गई हैं और किसानों तथा सरकारी एजेंसियों के बीच विश्वास बढ़ा है।
किसानों के लिए बैंक भुगतान: एक बड़ा बदलाव
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने केंद्र सरकार की इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने के हरियाणा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को आढ़तियों के माध्यम से भुगतान किया जाता था, जो कई बार देर से और बिना पारदर्शिता के होते थे। लेकिन अब सरकारी एजेंसियां किसानों को सीधे उनके खातों में भुगतान कर रही हैं, जिससे भुगतान प्रणाली पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी हो गई है।
सुधारों का भविष्य और कृषि नीति में बदलाव
मुख्य सचिव ने अपने प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि 1990 के दशक में किसानों को भुगतान में देरी और मनमानी कटौती की समस्याएं होती थीं, लेकिन अब प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली (DBT) के लागू होने से इन समस्याओं का समाधान हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि बड़ी मात्रा में खाद्यान्न खरीद के कारण चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन सरकार समय-समय पर हस्तक्षेप कर इन्हें दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में और सुधारों से किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
हरियाणा और एफसीआई के योगदान की सराहना
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव श्री डी. सुरेश ने भी इस अवसर पर कहा कि हरियाणा देश में गेहूं और चावल उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, जो यहां के किसानों की कड़ी मेहनत और लचीलापन को दर्शाता है।
इस कार्यशाला में एफसीआई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आशुतोष अग्निहोत्री और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।