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हरियाणा में बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के पुनर्निमाण के लिए 41.30 करोड़ की मंजूरी, सिंचाई एवं पेयजल सुविधाओं में सुधार

हरियाणा में बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के पुनर्निमाण के लिए 41.30 करोड़ की मंजूरी, सिंचाई एवं पेयजल सुविधाओं में सुधार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरखी दादरी में बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के पुनर्निर्माण हेतु ₹41.30 करोड़ की मंजूरी दी, सिंचाई व पेयजल व्यवस्था होगी बेहतर।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरखी-दादरी जिले में स्थित बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के पुनर्निमाण के लिए ₹41.30 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दी है। यह परियोजना वर्ष 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चलाई जा रही है।

सिंचाई और पेयजल आपूर्ति को बढ़ावा

मुख्य उद्देश्य सिंचाई क्षमता का विस्तार और पेयजल उपलब्धता में सुधार है। बांध की वर्तमान निर्वहन क्षमता को 176 क्यूसेक से बढ़ाकर भविष्य की मांगों को ध्यान में रखते हुए 235 क्यूसेक किया जाएगा। इससे अधिक संख्या में खेतों को पानी मिलेगा और तालाबों का पुनःपूर्ति सुनिश्चित होगी।

लाभार्थी गांवों की विस्तृत सूची

बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, लोहारू नहर प्रणाली से जुड़ी है और मान्यता प्राप्त 176 क्यूसेक डिज़ाइन क्षमता से कई गांवों को लाभ पहुंचाती है।
लाभार्थी गांवों में शामिल हैं: इमलोटा, कन्हेटी, मोरवाला, सरूपगढ़, सटोर, भागवी, समसपुर, ढाणी फोगाट, टिकन कलां, घसोला, कलियाणा, मंडोला, कलाली, बलाली, दुधवा आदि।

विभिन्न Minor में सिंचाई विस्तार

डिस्ट्रीब्यूटरी के माध्यम से अनेक Minor चैनलों से जुड़ा हुआ है, जो अन्य गांवों को जल वितरण में सहायक है। इनमें खेड़ी सनवाल माइनर, रामनगर सब-माइनर, मकराना, धुधवा माइनर सहित कुल 14 Minor शामिल हैं। इससे कुल मिलाकर 20+ गांवों को स्थायी सिंचाई और पेयजल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

पेयजल और तालाब भराई की सुविधा

परियोजना में फोकस सिर्फ खेतों तक नहीं है, बल्कि पेयजल और तालाब प्रबंधन पर भी ध्यान है। बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी से 14 वाटर वर्क्स टैंक जुड़े हैं, जो कानेहटी, बहगवी, ढाणी फोगाट, गोठरा, खेड़ी सनवाल, कलियाणा आदि गांवों में पीने योग्य जल उपलब्ध करवाएंगे। इसके अलावा, तालाबों का पुनर्भरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे भूजल स्तर और पशु-पक्षी पानी की कमी से निजात पाएंगे।

परियोजना का महत्व

यह परियोजना चरखी-दादरी और आसपास के गांवों की कृषक क्षमता को मजबूत बनाएगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध करेगी तथा स्थानीय जलस्तर और जैव विविधता को संरक्षण प्रदान करेगी।

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