स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने रेवाड़ी और नारनौल के निर्माणाधीन अस्पतालों के कार्यों की समीक्षा की
मंत्री आरती सिंह राव: निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सेवाएं देने पर जोर
हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में रेवाड़ी व नारनौल जिलों में स्वास्थ्य संस्थानों में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में विशेष रूप से अस्पतालों की सुरक्षा, निर्माण की प्रगति, उपयोगी बुनियादी ढांचे और जरूरी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मरीजों को सुविधाजनक अनुभव मिल सके।
बैठक में रेवाड़ी जिला अस्पताल की समीक्षा के दौरान मंत्री ने फायर एनओसी (NOC) के लंबित मामले को उठाया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग से समन्वय कर शीघ्र आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जाएं। उन्होंने भू-सीमा निर्धारण (land demarcation) प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए और उपायुक्त रेवाड़ी से भी बातचीत की।
मंत्री आरती सिंह राव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देशित किया कि अस्पताल में चल रहे सभी मरम्मत कार्य जुलाई के अंत तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज के निर्माण की समीक्षा करते हुए 15 जुलाई तक सभी चार लिफ्टों की स्थापना व संचालन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने रेवाड़ी अस्पताल की मॉर्चरी (शवगृह) के उन्नयन योजना को भी प्राथमिकता देते हुए बताया कि इसे सोमवार तक मुख्य वास्तुविद (Chief Architect) द्वारा अनुमोदित कर दिया जाएगा, जिसके बाद PWD विस्तृत लागत आकलन (estimate) तैयार करेगा। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से हल करने के निर्देश दिए ताकि सेवाएं बाधित न हों।
नारनौल जिला अस्पताल की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को 200-बेड के नए अस्पताल के निर्माण कार्य के लिए पुनः टेंडर जारी कर तत्काल कार्य आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसमेंट में जलभराव की समस्या को भी गंभीरता से लिया और कहा कि उचित ड्रैनेज लाइन डाली जाए ताकि भविष्य में समस्या न हो।
महेंद्रगढ़ में प्रस्तावित 100-बेड अस्पताल की परियोजना की लागत के संशोधित अनुमान को लेकर मंत्री ने PWD के मुख्य अभियंता और स्वास्थ्य महानिदेशक (DGHS) को संयुक्त रूप से समीक्षा कर अनुमोदन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक विलंब के कारण कार्य बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाईन, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, PWD के मुख्य अभियंता श्री अरुण जग्गा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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