महिला श्रम के क्षेत्र में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने की नए साहसिक सुधारों की शुरुआत
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह: राज्य ने महिलाओं के कार्यबल से संबंधित कानूनी बाधाओं को हटाया, मौजूदा कारखानों के नियमों में संशोधन होगा
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने राज्य की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था यात्रा को गति देने के उद्देश्य से रणनीतिक सुधारों और उपायों की एक श्रृंखला का अनावरण किया है और श्रम विभाग द्वारा इन बदलावों को शीघ्र ही लागू किया जाएगा। यह सुधार हरियाणा में महिलाओं की परिवर्तनकारी क्षमता और शासन में धारदार तकनीक के एकीकरण में आदर्श बदलाव के प्रतीक हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली माताओं को छोड़कर सभी महिलाएं अब बिना किसी रोक के सभी क्षेत्रों में कार्य करने की अनुमति मिलेगी। इसके लिए मौजूदा कारखाना नियमों में संशोधन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत वे उद्योग शामिल हैं जहाँ महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य करना सुगम नहीं था।
आईटी और आईटीईएस क्षेत्रों में प्रति माह एक लाख रुपए से अधिक कमाने वाली वरिष्ठ महिला पेशेवर अब कोरम की आवश्यकता के बिना नाइट शिफ्ट में भाग ले सकती हैं। पहले आईटी, वेयरहाउसिंग और आतिथ्य जैसे चुनिंदा उद्योगों तक सीमित नाईट शिफ्ट को अब सभी क्षेत्रों में अनुमति दी जाएगी। यह साहसिक कदम रोजगार में वास्तविक लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्रम विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इनमें से सबसे उल्लेखनीय सुधार है महिलाओं को कार्यबल में और अधिक कुशलता से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
उन्होंने कहा कि बहुत सी बाधाओं को अब कार्यक्षेत्र से हटाया जाएगा। इसके लिए उचित कानूनी और प्रक्रियात्मक परिवर्तन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह का वक्तव्य है कि महिलाएं ऐतिहासिक रूप से हमारी अर्थवयवस्था की रीढ़ रही हैं। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए अब उनको नई संभावनाएं तलाशने और अपने कौशल को तराशने के अधिक अवसर मिलेगें। इस सुविधा को और अधिक कारगार बनाने के लिए कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्वचालित प्रणाली लागू की गई है।
नियोक्ता अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अगले कार्य दिवस तक स्वीकृति प्राप्त कर सकते हैं, जिससे महीनों की देरी और नौकरशाही की लालफीताशाही समाप्त होगी। मानकीकृत नियम और शर्तें सभी पर लागू होंगी। इसके अतिरिक्त, नाईट शिफ्ट में रोजगार पर मौजूदा प्रतिबंधों में ढील दी गई है। नियोक्ताओं को अब संसाधनों को एकत्रित करने और चिकित्सा सहायता और आपातकालीन सेवाओं के लिए आस-पास के अस्पतालों या नर्सिंग होम के साथ साझेदारी करने की अनुमति है। महिला सुपरवाइजर की अनिवार्य तैनाती की आवश्यकता को वापस ले लिया गया है।
नवाचार के आधार पर संचालित शासन के अपने विवेकपूर्ण दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने श्रम विभाग को एडवांस डेटा मैनेजमेंट और विश्लेषण के लिए अटल श्रमिक किसान कैंटीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को एकीकृत करने का भी निर्देश दिया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह का कहना है कि महिलाओं को उनकी ताकत, लचीलेपन और बेजोड़ मेहनत के आधार पर जाना जाता है। उन्हें और सशक्त बनाकर और नवाचार को अपनाकर, हम एक प्रगतिशील, समावेशी और आर्थिक रूप से शक्तिशाली हरियाणा की नींव रख रहे हैं।
भारत के भौगोलिक क्षेत्र और जनसंख्या का केवल प्रतिशत होने के बावजूद, हरियाणा ने एक ट्रिलियन डॉलर की आर्थिक उपलब्धि हासिल करने वाले पहले राज्यों में से एक होने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है – एक उपलब्धि जो वर्तमान में वैश्विक स्तर पर केवल 19 देशों द्वारा हासिल की गई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि इन सभी तथ्यों को समझते हुए महिलाओं की अदम्य क्षमता को अनलॉक करने की आवश्यकता है।