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चुनाव से पहले BJP को एक और झटका, पूर्व मंत्री कर्ण देव कांबोज ने थामा कांग्रेस का ‘हाथ’

चुनाव से पहले BJP को एक और झटका, पूर्व मंत्री कर्ण देव कांबोज ने थामा कांग्रेस का ‘हाथ’

भाजपा में टिकट वितरण से असंतुष्ट पूर्व मंत्री कर्ण देव कांबोज ने अब कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन की। इस दौरान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान भी मौजूद रहे। इधर, इस घटनाक्रम से करनाल के इंद्री व यमुनानगर के रादौर जैसे क्षेत्रों में चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

भाजपा में OBC मोर्चा के अध्यक्ष थे कांबोज

पिछले दिनों त्यागपत्र देने के बाद से ही उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा थी। कांबोज भाजपा में ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष थे। इंद्री क्षेत्र के चुनावी सफर पर नजर डालें तो यहां की जनता बाहरी प्रत्याशियों पर अपेक्षाकृत अधिक मेहरबान रही है। अब तक 13 चुनाव में इंद्री हलके से ऐसा ही जनादेश मिला है। यहां केवल पांच बार स्थानीय व आठ बार बाहरी प्रत्याशी जीते।

2005 में भी कांग्रेस से लड़ चुके हैं चुनाव

हालांकि इस बार नजारा काफी रोचक रहने के आसार हैं क्योंकि एक तरफ यहां भाजपा ने अपने अनुभवी महारथी के रूप में लगातार दूसरी बार निवर्तमान विधायक रामकुमार कश्यप को टिकट थमाया है तो कांग्रेस ने इंद्री क्षेत्र में राकेश कांबोज पर दांव खेला है। राकेश कांबोज ने वर्ष 2005 में भी कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। इसके बाद बदली परिस्थितियों में वह अगले दो चुनाव में हरियाणा जनहित कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे लेकिन जीत नहीं सके।

2019 में निर्दलीय मैदान में थे

2019 में निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे थे। अब करीब 19 वर्ष बाद राकेश कांबोज फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा से अलग हुए पूर्व मंत्री कर्ण देव कांबोज के कांग्रेसी पाले में आने से उनकी और कांग्रेस की राह अपेक्षाकृत सहज दिख रही है।

टिकट कटने से थे नाराज

पूर्व मंत्री कर्ण देव कांबोज भाजपा में टिकट कटने से नाराज थे। समर्थकों से चर्चा करके उन्होंने त्यागपत्र दिया तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कांबोज को मनाने उनके घर गए। सीएम ने उनकी ओर हाथ बढ़ाया तो पूर्व मंत्री ने हाथ नहीं मिलाया था। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भेंट के बाद उनके कांग्रेस में जाने की चर्चा थी।

शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद कांबोज ने कहा कि राजनीति में सेवा के लिए भाजपा में आए थे। खून-पसीने से पार्टी को सींचा लेकिन पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जिस पर कई आपराधिक मुकदमे हैं। कर्णदेव कांबोज 2014 में इंद्री से भाजपा विधायक और फिर कैबिनेट मंत्री बने। 2019 में रादौर से चुनाव लड़े लेकिन हार गए।

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